दो चॉपर के बीच में उड़ रहा था ईरानी राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर, अचानक पायलट ने एल्टिट्यूड बढ़ाने को कहा, फिर...

न वेदर सेंसर सिस्टम, न क्षमता... 30 साल पुराना था वो हेलिकॉप्टर जिसके क्रैश में हुई ईरानी राष्ट्रपति की मौत

रविवार को ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी एक हेलिकॉप्टर क्रैश में मर गए। रईसी की मौत पर शुरुआत से ही शक है। जब उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। वह अजरबैजान में खोदाफरिन और किज कलासी बांधों का उद्घाटन करने गया था।

रविवार को हेलिकॉप्टर क्रैश में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री सहित नौ लोगों की मौत हो गई। हादसे के समय एक रईसी हेलिकॉप्टर अजरबैजान से वापस आ रहा था। 

19 मई 2024 को इरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को लेकर क्रैश होने वाला हेलिकॉप्टर क्या इस उड़ान को पूरा करने के योग्य था? इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान एयर फोर्स के वीआईपी स्क्वॉड्रन में यह हेलिकॉप्टर था। क्या खराब मौसम और पहाड़ों के बीच उड़ान भरने के लिए यह हेलिकॉप्टर इस कंडिशन में था? आइए 30 साल पुराने हेलिकॉप्टर के उपयोग का परिणाम जानें..।

ईरानी राष्ट्रपति रईसी के काफिले के उन तीन हेलिकॉप्टरों में से एक में खुद इस्माइली सवार था। रईसी ने अपने काफिले के साथ अजरबैजान से सटी ईरान की सीमा पर एक बांध बनाया। 19 मई को स्थानीय समयानुसार दोपहर लगभग एक बजे हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी थी, उन्होंने बताया। उस समय मौसम पूरी तरह से सामान्य था। रईसी हेलिकॉप्टर के पायलट ने उड़ान भरने के 45 मिनट बाद घने कोहरे से बचने के लिए दूसरे दोनों हेलिकॉप्टर के पायलटों से एल्टीट्यूड (ऊंचाई) बढ़ाने को कहा। लेकिन दोनों हेलिकॉप्टर के बीच में उड़ रहा रईसी विमान अचानक गायब हो गया। 

इस्माइली ने बताया कि बादलों के ऊपर तीस मिनट तक उड़ान भरने के बाद हमारे हेलिकॉप्टर के पायलट ने नोटिस दिया कि राष्ट्रपति रईसी का हेलिकॉप्टर बीच में गायब था। यही कारण था कि पायलट ने राष्ट्रपति के हेलिकॉप्टर को खोजने के लिए यूटर्न लेकर वापस जाने का निर्णय लिया। 

ईरान सरकार ने अब रईसी के हेलिकॉप्टर क्रैश के बारे में कुछ नया बताया है। ईरान के राष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ गुलाम हुसैन इस्माइली ने सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि राष्ट्रपति रईसी का हेलिकॉप्टर किस स्थान पर क्रैश हुआ था। शुरू में वहाँ पूरी तरह से अच्छा मौसम था।

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी किज ने कलासी डैम का उद्घाटन किया। पानी जमा करना, पर्यटन और कृषि उद्देश्यों को पूरा करना इस डैम का उद्देश्य है। 270 गीगावॉट बिजली इससे उत्पादित होगी। 80 साल पहले यह बांध बनाया गया था। राष्ट्रपति रईसी यहीं से वापस लौट रहे थे। पूर्वी अजरबैजान के गर्वनर, कुछ ईरानी अधिकारी और विदेश मंत्री होसैन अमीर अब्दुल्लाहिया उनके साथ थे।